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Showing posts from February, 2025

सीएम नीतीश ने दिनारा को दी सौगात, भलुनी भवानी में बनेगा ईको पार्क

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के प्रसिद्ध अतिप्राचित भलुनी भवानी धाम में इको पार्क का सौगात दिए है। भलुनी धाम में रोहतास वन विभाग द्वारा 1489.33 लाख रुपये की लागत से इको पार्क का निर्माण किया जायेगा। जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के दौरान किया गया। यह पार्क इको सिस्टम कंजर्वेशन के साथ-साथ एजुकेशनल भी होगा। पार्क में लोगों के लिए सभी उचित सुविधाएं रहेंगी ताकि लोग इस ईको पार्क का आनंद भी ले सके। इसके अलावा पार्क में बैंबू वॉच टावर भी बनाया जायेगा। पार्क में हाइटेक नर्सरी भी बनेगी। जिसमें सभी प्रकार के फूल और पौधे तैयार होंगे। दो वाटर बॉडी का जीर्णोद्धार किया जाएगा। बता दें कि दिनारा प्रखंड मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर पूरब स्थित यक्षिणी भवानी धाम अति प्राचीन व प्रसिद्ध शक्तिपीठ हैं। इसे भलुनी भवानी के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। मंदिर के आसपास में वन के अवशेष आज भी मौजूद है।

कौन हैं रेखा गुप्ता: हरियाणा में जन्म, DU अध्यक्ष से अब दिल्ली की मुख्यमंत्री तक; जानें सियासी सफर

दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित चेहरे के तौर पर उभरीं रेखा गुप्ता कौन हैं? वे मूल रूप से कहां की रहने वाली हैं और दिल्ली से उनका नाता कितना पुराना है? इसके अलावा रेखा गुप्ता की पढ़ाई कहां-कहां हुई है और उनका सियासी सफरनामा क्या रहा है? आइये जानते हैं दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए 11 दिन का समय हो चुका है। इसी के साथ भाजपा ने राजधानी में अपने अगले मुख्यमंत्री चेहरे का एलान कर दिया है। रेखा गुप्ता दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री होंगी। 20 फरवरी को वे दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ लेंगी। यह 26 साल बाद है, जब दिल्ली में भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। इस बीच राजनीतिक गलियारों में कई नेताओं के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें लगाई गईं। इनमें सबसे बड़ा दावा रेखा गुप्ता के नाम को लेकर ही किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा जा रहा है कि रेखा गुप्ता को संघ की मंजूरी मिल चुकी थी और भाजपा ने भी उन्हें सीएम पद के लिए अपनी पसंद भी बना लिया था।  ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित चेहरे के तौर पर उभरीं रेखा गुप्ता कौन हैं? वे मूल रूप ...

बिहार के ये 7 युवा बिना जाम के पहुंचे महाकुंभ, सबसे अलग ही 'रूट' पकड़ा था

 दरअसल ये लोग गंगा नदी में नाव चलाकर प्रयागराज पहुंचे हैं. यानी न टिकट लेने का झंझट, न स्टेशन पर भीड़ का डर. कम्हरिया से निकले इन युवाओं ने 550 किलोमीटर तक नाव चलाई. प्रयागराज पहुंचने में उन्हें 84 घंटे, यानी साढ़े तीन दिन लगे. लेकिन आखिरकार पहुंच ही गए. कवि सोहनलाल द्विवेदी की मशहूर कविता है- लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती. जीवन में हार नहीं मानने की प्रेरणा देने वाली इस पंक्ति को बिहार के कुछ लड़कों ने सीरियसली ले लिया. बक्सर के इन सात लड़कों की कहानी किसी एडवेंचर मूवी की स्क्रिप्ट से कम नहीं. एक तरफ करोड़ों लोग महाकुंभ में पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशनों पर धक्के खा रहे हैं. दूसरी तरफ ये सात युवक बिना किसी धक्का-मुक्की के आराम से अलग ही 'रूट' से प्रयागराज पहुंच गए हैं. दरअसल ये लोग गंगा नदी में नाव चलाकर प्रयागराज पहुंचे हैं. यानी न टिकट लेने का झंझट, न स्टेशन पर भीड़ का डर. कम्हरिया से निकले इन युवाओं ने 550 किलोमीटर तक नाव चलाई. प्रयागराज पहुंचने में उन्हें 84 घंटे, यानी साढ़े तीन दिन लगे. लेकिन आखिरकार पहुंच ही गए. और महाकुंभ में स्नान भ...