रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड स्थित बुढ़वल गांव में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती पूजा समिति बुढ़वल द्वारा हरि कीर्तन का भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया। यह आयोजन गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सजीव रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न समुदाय वर्गों का उत्साहपूर्ण सहयोग देखने को मिला।
कीर्तन की शुरुआत भगवान हरि और मां सरस्वती की स्मरण-पूजा के साथ हुई। इसके बाद गांव के कलाकारों एवं भक्तों ने एकजुट होकर ढोलक, तबला, ताल, हारमोनियम और बैंजो जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग करते हुए भक्ति भाव से संगीतमय प्रस्तुति दी। ढोलकवादक विनोद यादव, संजय रवानी तथा गायक व्यास कृष्णा मेहता की प्रस्तुति ने वहाँ मौजूद ग्रामीणों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा माहौल भक्ति रंग में रंग गया।
बसंत पंचमी के अवसर पर यह कीर्तन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वसंत ऋतु के आगमन और मां सरस्वती की आराधना का भी प्रतीक रहा। ग्रामीणों ने पीले वस्त्र धारण किए, ठाकुर जी को गुलाल अर्पित किया और सरस्वती वंदना गाते हुए वातावरण को पवित्र बना दिया। होली के आगमन का संकेत भी इस दौरान देखने को मिला, क्योंकि लोग उत्साहपूर्वक एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते दिखे।
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि इसमें गांव की नई पीढ़ी, विशेषकर बच्चों और युवाओं ने भजनों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया और तालियों से कलाकारों का मनोबल बढ़ाया। वहीं गांव के बुजुर्गों ने पारंपरिक कीर्तन शैली का पालन करते हुए भक्ति रस को और अधिक गहराई प्रदान की।
कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने गांव की एकता, संस्कृति और सामुदायिक समरसता को उजागर किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजन न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को मजबूती देते हैं, बल्कि गांव के सामाजिक बंधन को भी सुदृढ़ करते हैं।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इस तरह के भक्ति कार्यक्रमों को और विस्तृत रूप देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गांव की परंपरा जीवित रहे और अगली पीढ़ी तक पहुँच सके।
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